
सनातन धर्मशास्त्रों एवं स्कन्दपुराण काशीखण्ड के अनुसार, जब अविमुक्त क्षेत्र आनन्दवन काशी में पग-पग पर भगवान रुद्र-स्वरूप प्रतिष्ठित अंकुररूपी मुक्तिप्रद देवविग्रहों-शिवलिंगों की महिमा का वर्णन होता है, तब परम प मोक्षलक्ष्मी मणिकर्णिका तीर्थ के तट पर स्थित दिव्य निम्नगेश्वर(निम्नगा:+ईश्वर= नदियों का स्वामी ) शिव की महिमा के प्रसंग में देवाधिदेव…

